पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी
पूर्व प्रधानमंत्री अटल गाजियाबाद। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर ‘सैल्यूट तिरंगा’ द्वारा आयोजित ‘अटल तिरंगा सम्मान–2025’ समारोह में गाजियाबाद की निर्भीक पत्रकार अपूर्वा चौधरी को सम्मानित किया जाएगा। यह भव्य आयोजन 26 दिसंबर 2025 को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में प्रस्तावित है, जहां संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश झा के नेतृत्व में देशभर से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 30 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मान प्रदान किया जाएगा। अपूर्वा चौधरी दैनिक समाचार पत्र ‘भारत का बदलता शासन’ की समाचार संपादक हैं और एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के उन वर्गों की आवाज़ बनने का प्रयास किया है, जिनकी पीड़ा और सवाल अक्सर हाशिये पर छूट जाते हैं। सत्ता, व्यवस्था और प्रशासन के बीच आम नागरिक के अधिकारों को सामने लाने में उनकी भूमिका को गाजियाबाद के पत्रकारिता जगत में विशेष सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है और निर्भीक सवाल तथा संतुलित प्रस्तुति उनकी पहचान बन चुकी है। भ्रष्टाचार, किसान समस्याओं, बढ़ते प्रदूषण और प्रशासनिक लापरवाही जैसे ज्वलंत मुद्दों पर उनका लेखन लगातार जनचर्चा का विषय रहा है। जुलाई 2025 में मधुबन बापूधाम पुलिस के कथित दुर्व्यवहार के विरोध में उन्होंने गाजियाबाद जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन किया था, जो पत्रकारों की गरिमा और न्याय की लड़ाई का प्रतीक बनकर उभरा और जिसे कई सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए भी उन्होंने मानवीय संवेदनाओं को कभी नजरअंदाज नहीं किया और संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहना, सामाजिक मुद्दों पर निरंतर संवाद कायम रखना तथा युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना उनके कार्यों का अहम हिस्सा रहा है। संगठनात्मक स्तर पर भी एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन के माध्यम से उन्होंने पत्रकारों को एकजुट करने, उनकी समस्याओं को मंच देने और संवाद के रास्ते खोलने का निरंतर प्रयास किया, जिससे पत्रकारिता की गरिमा और जिम्मेदारी दोनों को बल मिला। सामाजिक सरोकारों के तहत वे स्वास्थ्य शिविरों, महिला सशक्तिकरण अभियानों और युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों से जुड़ी रहीं, जबकि फिल्म ‘वनवास’ के विशेष शो के माध्यम से नैतिक चेतना का संदेश भी समाज तक पहुंचाया। बढ़ते प्रदूषण और निठारी में हुए बाल नरसंहार प्रकरण में आरोपियों के बरी होने के बाद से इस संवेदनशील मुद्दे को भी उन्होंने लगातार प्रमुखता से उठाया, जिससे समाज में विमर्श की दिशा बदली। ‘अटल तिरंगा सम्मान–2025’ के लिए उनका चयन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आज भी निर्भीक, संवेदनशील और सामाजिक प्रतिबद्धता से जुड़ी पत्रकारिता को पहचाना और सम्मानित किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और नैतिक साहस के साथ खड़ी दिखाई देती है।
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