गाजियाबाद पत्रकार-पुलिस विवाद मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई जरूरी : रिहान ज़ैदी
गाजियाबाद में पत्रकारों और पुलिस के बीच विवाद का मामला अब बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है। पूरे प्रकरण की शुरुआत उस समय हुई जब पत्रकार सुमन मिश्रा के साथ कथित अभद्रता की घटना को लेकर शिकायत दर्ज कराने के लिए पत्रकार साथी सिद्धार्थ विहार स्थित जल निगम पुलिस चौकी पहुंचे। आरोप है कि चौकी प्रभारी के बुलावे पर पहुंचे पत्रकारों के सामने विपक्षी पक्ष के लोग भी मौजूद थे और बातचीत के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही विपक्षी लोगों द्वारा गाली-गलौज और दबाव बनाया गया, लेकिन उन्हें रोकने के बजाय चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने ही पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। आरोपों के अनुसार, ‘भारत का बदलता शासन’ समाचार पत्र के संपादक ललित चौधरी के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की की गई, उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाया गया और मारपीट की गई। यह भी आरोप लगाया गया कि सब-इंस्पेक्टर आयुष कुमार सहित कुछ पुलिसकर्मियों ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए पत्रकारों को धमकाया। घटना के बाद पत्रकार अपूर्वा चौधरी और अन्य साथी थाना विजयनगर पहुंचे, जहां उन्होंने थाना प्...